बार बार हाथ धोने से और सफाई से गहरा सकता है जल संकट

साथियों जैसे कि  आप जानते हैं कि
कोरोना वायरस ने पूरे विश्व में आतंक कर रखा है और बीमारी से बचने के लिए लोग कई तरह के उपाय कर रहें हैं कोई सेनेटाइजर का इस्तेमाल कर रहा है तो कहीं सरकार सबको हाथ धोने के लिए कह रही है तो
इस जल संकट के कारण सूखाग्रस्त होने की अधिक सम्भवना
जैसे कि आप जानते हैं भारत ही ऐसा देश जहां सबसे अधिक वर्षा होती है लेकिन यहां पर जलसंग्रहण की व्यवस्था  बिल्कुल ना के बराबर है वर्षा में बहने वाला जल सिंचित नहीं किया जाता 
वहीं सऊदी अरब जैसे देश जहां पर वर्षा बहुत निम्न है फिर वहां जलसंग्रहण करने के पुरी व्यवस्था है जिससे वहां पर जल संकट कभी नहीं गहराता है 
भारत एक बहुत बड़ी अर्थव्यस्था है लेकिन हाल के ही संकट कालीन स्थिति कोरोनो के भय से अर्थव्यस्था में काफी नुकसान है


आज हमें एक जुट होकर अंतर्मुखी बनकर इस बीमारी को जड़ से हटाना होगा जिससे आने वाले दशक में हम समृद्ध राष्ट्र बने 

हमे अधिक सफाई पर ध्यान देकर उच्च पोषण उक्त आहार लेकर अपने आप को सुरक्षित रखना होगा साथ ही 
दयालु स्वभाव रखकर मांस-मदिरा से दूर रहना होगा क्योंकि ना जाने कितने घातक विषाणु हर तरह के जानवर में हो सकते हैं 
जिसका उदाहरण ये महामारी है

और साथ ही डिजिल पेमेंट को बढ़ावा दे जिससें देश कैशलेस हो क्योंकि विषाणु का खतरा नोटों और सिंक्कों पर भी है क्योंकि ये कई हाथों से होकर गुजरते हैं

आईये हम इस संकट की घड़ी में शांत, सुरक्षा और सतर्क रहें और वर्ष जल को संग्रहण पर बढ़ावा दे और अधिक से अधिक पेड़ लगाएं अपने घरों के आसपास वातारण को शुद्ध करने वाले पौधे लगाएं तुलसी वगरैह जिससे विषाणु हवा में ही खत्म हो जाएं

धन्यवाद
ये लेखक के अपने विचार है

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