दस हजार वर्ष से भी ज्यादा प्राचीन है रघुनाथ जी का मंदिर

देवप्रयाग में रघुनाथजी मंदिर, उत्तराखंड के उत्तर भारतीय राज्य हिमालय में टिहरी गढ़वाल जिले का एक तीर्थस्थल है, जो विष्णु को समर्पित है। यह ऋषिकेश से 73 किमी की दूरी पर ऋषिकेश - बद्रीनाथ राजमार्ग पर स्थित है। 


इस मंदिर के बारे में यह कहा जाता है कि मंदिर का निर्माण 10,000 साल पहले किया गया था | यह मंदिर चार अन्य छोटे मंदिरों अन्नपूर्णा देवी, न्रर्सिंह, हनुमान गुफा और गरुड़ महादेव से घिरा हुआ है |
आईये जानते है देवप्रयाग के बारे में

देवप्रयाग :-
अलकनंदा तथा भगीरथी नदियों के संगम पर देवप्रयाग नामक स्थान पर  स्थित है। इसी संगम स्थल  के उपरांत दोनों नदियों के संगम के बाद इन्हें गंगा के नाम से जाना जाता है । यह समुद्र सतह से १५०० फ़ीट की ऊंचाई पर स्थित है। देवप्रयाग की ऋषिकेश से सडक मार्ग दूरी ७० किमी० है। गढवाल क्षेत्र में भगीरथी नदी को सास तथा अलकनंदा नदी को बहू कहा जाता है। देवप्रयाग में शिव मंदिर तथा रघुनाथ मंदिर है, जो की यहां के मुख्य आकर्षण हैं। रघुनाथ मंदिर द्रविड शैली से निर्मित है। देवप्रयाग को सुदर्शन क्षेत्र भी कहा जाता है। देवप्रयाग में कौवे दिखायी नहीं देते, जो की एक आश्चर्य की बात है। स्कंद पुराण केदारखंड में इस तीर्थ का विस्तार से वर्णन मिलता है कि देव शर्मा नामक ब्राह्मण ने सतयुग में निराहार सूखे पत्ते चबाकर तथा एक पैर पर खड़े रहकर एक हज़ार वर्षों तक तप किया तथा भगवान विष्णु के प्रत्यक्ष दर्शन और वर प्राप्त किया।




                 
                     "ओम नमो नारायणाय"


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